Yeh Rishta Kya Kehlata Hai Episode 28th December Written Update: आज के एपिसोड की शुरुआत एक बेहद भावुक माहौल के साथ होती है, जहां मनीषा और परिवार के बाकी सदस्य कावेरी से बात करने की कोशिश करते हैं और उसे समझाते हैं कि अगर वह कुछ नहीं बोलेगी तो डॉक्टर उसकी जांच कैसे कर पाएंगे। हालांकि गहरे सदमे में डूबी कावेरी किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ नजर आती है।
काजल और संजय के बीच टकराव लगातार तेज़ होता जाता है। काजल साफ तौर पर संजय से कहती है कि वह झूठ न बोले और यह स्वीकार करे कि उसे कृष की फर्म बेचने की योजना के बारे में पहले से कुछ भी पता नहीं था। हालांकि संजय ज़ोर देकर दावा करता है कि उसे सच में इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी, वरना वह कृष को ऐसा कदम उठाने से जरूर रोकता। इस पर काजल पलटकर कहती है कि उसे पता होना ही चाहिए था, क्योंकि कृष पर संजय द्वारा दिए गए संस्कारों और मूल्यों का गहरा असर रहा है। वह आरोप लगाती है कि उसने यह मान लिया था कि संजय कृष की अच्छी परवरिश कर रहा है, लेकिन नतीजा यह निकला कि कृष एक स्वार्थी इंसान बन गया।
जवाब में संजय तर्क देता है कि भले ही कृष में स्वार्थ रहा हो, फिर भी उसका इरादा फर्म को वापस परिवार के पास लाने का था। वह कहता है कि उसने अपनी पूरी ज़िंदगी इस फर्म को दी है, तो भला वह क्यों चाहेगा कि कोई और उस पर कब्ज़ा करे। इसी बीच कृष भी सवाल उठाता है कि आखिर एक इंसान एक के बाद एक इतने गलत फैसले कैसे ले सकता है।
इसके बाद काजल संजय को अतीत की याद दिलाते हुए कहती है कि जब कियारा नशे की लत से जूझ रही थी, तब सारा दोष उसी पर मढ़ दिया गया था। लेकिन अब कृष का जुए की लत में डूब जाना सारी हदें पार कर चुका है। काजल भावुक होकर सवाल उठाती है कि उनकी परवरिश का यही अंजाम क्यों निकला और आखिर उनसे कहां चूक हो गई।
इसी बीच अभिरा अरमान को पोद्दार की टूटी हुई नेमप्लेट को जोड़ने की बेताब कोशिश करते हुए देखती है, इस दौरान उसके हाथ से खून भी बह रहा होता है। वह हैरानी और चिंता के साथ उससे पूछती है कि आखिर वह ऐसा क्यों कर रहा है। जवाब में अरमान खुद को ही इस पूरे हालात का जिम्मेदार ठहराता है। उसका कहना है कि अगर सालों पहले उसने अपने गुस्से पर काबू रखा होता और परिवार को छोड़कर न गया होता, तो आज यह सब नहीं होता। उसके मुताबिक, अगर वह घर नहीं छोड़ता तो कृष को कभी भी फर्म की कमान संभालने का मौका नहीं मिलता।
अरमान को अपनी ही बातों में अपने पुराने दावे याद आते हैं, जब वह परिवार से बेइंतहा प्यार करने की बातें करता था, लेकिन मुश्किल वक्त में वही परिवार को छोड़ गया। इस एहसास के साथ वह खुद पर नाराज़ हो जाता है। हालांकि अभिरा उसे समझाने की कोशिश करती है कि उसकी गलतियां अतीत की थीं और मौजूदा हालात के लिए वह जिम्मेदार नहीं है। लेकिन अरमान इस बात पर अड़ा रहता है कि आज की सारी परेशानी उसकी सालों पहले की की गई गलतियों का ही नतीजा है।
इसी बीच कृष को तान्या पर शक होने लगता है और वह सीधे उससे सवाल करता है कि क्या उसने उसके खिलाफ सबूत अरमान को भेजे थे। इस पर तान्या गुस्से में उसे धक्का देकर दूर कर देती है और अफसोस जताते हुए कहती है कि काश उसने पहले ही अभिरा को सच्चाई बता दी होती, तो शायद हालात यहां तक नहीं पहुंचते। वह खुलकर कृष पर आरोप लगाती है कि उसी ने सब कुछ तबाह कर दिया है
इसी दौरान मनोज, माधव से सवाल करता है कि क्या उन्हें कृष के खिलाफ सबूत पुलिस को सौंप देने चाहिए। इस पर माधव बेबसी जताते हुए कहता है कि घर में जो कुछ चल रहा है, वह उसे खुद समझ नहीं आ रहा है और ऐसे में वह कोई राय नहीं दे सकता। वह बस यही चाहता है कि कावेरी जल्दी ठीक हो जाए, उसके अलावा उसे कुछ नहीं चाहिए।
उधर, कावेरी पूरी तरह टूट चुकी है। अपने मन में वह याद करती है कि कैसे हालात एक के बाद एक बिगड़ते चले गए और बच्चों के भविष्य के लिए कंपनी को बचाने के लिए किए गए उसके तमाम बलिदान आंखों के सामने घूम जाते हैं।
वहीं अभिरा अरमान को संभालते हुए कहती है कि यह समय खुद को दोषी ठहराने का नहीं, बल्कि लड़ने का है। वह उसे याद दिलाती है कि उन्हें पोद्दार फर्म को बचाना है, कावेरी की रक्षा करनी है और अतीत में उलझने के बजाय आगे की ओर कदम बढ़ाने होंगे।
इसी बीच विद्या और मनीषा को अचानक पता चलता है कि कावेरी अपने कमरे से गायब है, जिससे घर में हड़कंप मच जाता है। दोनों घबराकर तुरंत सबको इस बारे में सूचना देती हैं। वहीं अरमान कावेरी को अपने पति की तस्वीर को टकटकी लगाए देखते हुए पाता है, जहां वह इस अपराधबोध में डूबी नजर आती है कि वह उनकी विरासत की रक्षा नहीं कर सकी। दर्द और टूटन के साथ वह आगे बढ़ने लगती है।
यह देख परिवार के लोग उसे रोकने के लिए दौड़ पड़ते हैं, लेकिन इससे पहले कि कोई उसके पास पहुंच पाता, कावेरी का पैर फिसल जाता है और वह गिर पड़ती है। उसकी हालत देखते ही पूरे परिवार में दहशत फैल जाती है।
गिरने के बाद भावुक हालत में कावेरी अरमान से कहती है कि पोद्दार फर्म ही उनके परिवार की असली नींव है और अगर यह खत्म हो गई तो पूरा परिवार बिखर जाएगा। वह अरमान से हाथ जोड़कर विनती करती है कि वह उनके परिवार को बचाए और आखिरी बार उस पर यह एहसान कर दे। कावेरी कहती है कि इंसान अपनी विरासत के सहारे ही जीवित रहता है और अगर वह विरासत मिट गई तो वह अपने पति को एक बार फिर खो देगी। वह अरमान से वादा लेने की कोशिश करती है कि वह किसी भी कीमत पर फर्म को वापस लाएगा, जिस पर अरमान उसे पोद्दार फर्म वापस दिलाने का भरोसा देता है।
उधर डॉक्टर परिवार को कावेरी की हालत के बारे में जानकारी देते हुए बताते हैं कि उन्हें दिल से जुड़ी बीमारी है और इस उम्र में उनका शरीर पहले से ही कमजोर हो चुका है। गिरने से उन्हें गंभीर चोट लगी है, जिसके चलते उनकी खास देखभाल बेहद ज़रूरी है। डॉक्टरों के मुताबिक अगर परिवार चाहता है कि कावेरी जल्दी ठीक हों, तो उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि वह तनाव से दूर रहें और खुश रहें।
इसी बीच कृष कावेरी का हालचाल पूछने के लिए घर पहुंचता है, लेकिन उसे देखते ही पूरा माहौल सन्न रह जाता है। अरमान तुरंत उसे रोकते हुए साफ शब्दों में कहता है कि कावेरी उसकी दादी हैं और कृष को उनके पास आने का कोई हक नहीं है। वह उसे वहां से जाने के लिए कह देता है। इस पर कृष दावा करता है कि यह घर उसका भी है, लेकिन अरमान गुस्से में उस पर आरोपों की झड़ी लगा देता है—वह याद दिलाता है कि कृष ने कावेरी की सारी संपत्ति जुए में गंवा दी, पोद्दार फर्म बेच दी, संजय और काजल का अपमान किया और यहां तक कि मायरा की जान को भी खतरे में डाल दिया। हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि अरमान उसे धक्का देकर घर से बाहर निकाल देता है। संजय बीच-बचाव करने की कोशिश करता है, लेकिन काजल उसे रोक देती है।
बाहर जाते हुए भी कृष चिल्लाता रहता है कि यह उसका घर है, जबकि तान्या अरमान से माफी मांगती नजर आती है। अरमान कृष को घर खाली करने के लिए दस घंटे का अल्टीमेटम दे देता है। तान्या कृष से परिवार से माफी मांगने की अपील करती है, लेकिन गुस्से में वह बिना कुछ कहे वहां से चला जाता है। टूट चुकी तान्या अभिरा से उसे रोकने की गुहार लगाती है और कहती है कि अगर वह अभी चला गया तो और भी अंधेरे में डूब जाएगा।
हालांकि अभिरा सख्त रुख अपनाते हुए कहती है कि कृष हद से ज्यादा बिगड़ चुका है। उसके मुताबिक बेटा घर की रोशनी होता है, लेकिन कृष ने तो उसी घर में आग लगा दी है। वह याद दिलाती है कि परिवार ने उसे बार-बार प्यार और सुधार का मौका दिया, लेकिन उसने सब कुछ तबाह कर दिया। अभिरा साफ कह देती है कि अब कृष उनके प्यार के काबिल नहीं है और उसे घर छोड़ देना चाहिए।
इस बीच विद्या तान्या पर शुरू से सब कुछ जानने का आरोप लगाती है, लेकिन अभिरा उसका बचाव करते हुए कहती है कि कृष की गलतियों की सजा तान्या को नहीं मिलनी चाहिए और उसे घर में रहने दिया जाना चाहिए।
बीती तमाम घटनाओं को याद कर अरमान बुरी तरह परेशान नजर आता है, जिसे संभालने की कोशिश अभिरा करती है। अरमान साफ कहता है कि उसके पास वक्त नहीं है, क्योंकि उसने कावेरी से वादा किया है और अब उसे किसी भी कीमत पर नए मालिक से मिलकर पोद्दार फर्म वापस हासिल करनी होगी। अभिरा उसे समझाती है कि यह राह आसान नहीं होगी, उसे बहुत चतुराई से बातचीत करनी पड़ेगी और इसके लिए पहले उसे खुद को संभालना और थोड़ा आराम करना जरूरी है। हालांकि अरमान पहले मना करता है, लेकिन आखिरकार वह उसकी बात मान लेता है।
उधर, कियारा अभिर का इंतज़ार करती रहती है और उसे बैठकर खाना खाने को कहती है। लेकिन अभिर मुस्कुराते हुए कहता है कि पति होने के नाते वह उसके पैरों की मालिश कर अपना फर्ज निभा रहा है। इस पर कियारा कहती है कि वह चाहती है कि उनका रिश्ता प्यार और खुशियों के साथ आगे बढ़े।
इसी दौरान अरमान कावेरी को देखकर घबरा जाता है और उसे लगता है कि वह सांस नहीं ले रही हैं। वह तुरंत काजल से डॉक्टर को बुलाने के लिए कह देता है। हालांकि अभिरा उसे रोकते हुए बताती है कि कावेरी की सांस चल रही है और दर्द निवारक दवाओं की वजह से वह गहरी नींद में हैं। काजल भी इस बात की पुष्टि कर देती है। अभिरा कहती है कि अरमान इस वक्त इतना तनाव में है कि वह हर स्थिति को सबसे बुरे तरीके से देख रहा है।
इसके बाद काजल दोनों से आराम करने की अपील करती है, लेकिन अरमान साफ इनकार कर देता है और कहता है कि अगर कावेरी को किसी भी चीज की ज़रूरत पड़ी तो वह उसके पास ही रहेगा। आखिर में अभिरा उसे समझाने की कोशिश करती है।
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