Yeh Rishta Kya Kehlata Hai 29th December Written Update: पोद्दार फर्म की वापसी अरमान के मास्टर प्लान से अभिरा हुई तंग, जाने पूरी अपडेट

Aman Rai
16 Min Read
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Yeh Rishta Kya Kehlata Hai 29th December Written Update: आज के एपिसोड में भावनाओं और संघर्ष का हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। कहानी की शुरुआत होती है उस पल से, जब अरमान के हाथ पोद्दार फर्म का एक पुराना विज़िटिंग कार्ड लगता है, जो उसे बीते दिनों की यादों में डुबो देता है। भावुक अरमान टूटने लगता है, लेकिन उसी वक्त अभिरा उसका हौसला बनती है।

अभिरा साफ शब्दों में अरमान को याद दिलाती है कि जब पूरा घर उम्मीद खो रहा है, तब उसे कमजोर नहीं पड़ना चाहिए। अरमान मानता है कि यह लड़ाई हर दिन और भी कठिन होती जा रही है, लेकिन अभिरा उसे भरोसा दिलाती है कि जब वे दोनों साथ खड़े हैं, तो कोई भी मुश्किल नामुमकिन नहीं। और यहीं से कहानी एक अहम मोड़ लेती है, जब अभिरा खुलासा करती है कि अब परिवार और पोद्दार फर्म के पास सिर्फ एक ही आखिरी उम्मीद बची है।

एपिसोड में उस वक्त एक बड़ा ट्विस्ट आता है, जब अरमान यह स्वीकार करता है कि उसे अभिरा की मदद की ज़रूरत तो है, लेकिन अगली ही पल वह सबको चौंका देता है। अरमान साफ कहता है कि वह फर्म के काम में अभिरा को शामिल नहीं करेगा, बल्कि घर की सारी ज़िम्मेदारी अब अभिरा संभालेगी, जबकि फर्म की पूरी लड़ाई वह अकेले लड़ेगा। इस फैसले से अभिरा हैरान रह जाती है, क्योंकि उसे पता है कि अरमान की फेलोशिप शुरू होने वाली थी। लेकिन अरमान कह देता है कि हालात अब बदल चुके हैं।

अभिरा सवाल उठाती है कि क्या वह सच में चाहता है कि वह फर्म से पूरी तरह दूर रहे। इस पर अरमान बताता है कि पोद्दार फर्म उनके हाथ से निकल चुकी है और किसी भी कीमत पर उसे वापस लाना होगा। आगे की राह बेहद मुश्किल है और वह इस संघर्ष का बोझ अभिरा के कंधों पर नहीं डालना चाहता, क्योंकि उसके मुताबिक यह बिल्कुल भी सही नहीं होगा।

इसी बीच अभिरा अरमान को उसके ही शब्द याद दिलाती है  कि वही इस परिवार की आखिरी उम्मीद है और अगर वह दूर गया, तो घर की रोशनी बुझ जाएगी। लेकिन अरमान जवाब देता है कि परिवार को उनका कारोबार जरूर वापस मिलेगा, मगर तभी जब उसके दिल-दिमाग में परिवार को लेकर कोई दबाव नहीं होगा।

अभिरा साफ कहती है कि ज़िम्मेदारियों को बांटने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि वह हमेशा की तरह परिवार और कारोबार दोनों को संभाल सकती है। लेकिन अरमान खुद को ही इस पूरी गड़बड़ी का ज़िम्मेदार ठहराता है और कहता है कि अब उसे ही सब कुछ ठीक करना होगा। वहीं अभिरा उसका विरोध करती है और साफ कह देती है कि गलती अरमान की नहीं, बल्कि कृष की थी, जिसने कंपनी बेची अरमान ने कुछ भी गलत नहीं किया। एपिसोड में अरमान एक बड़ा खुलासा करता है। वह बताता है कि उसके जाने के बाद अभिरा बेहद मुश्किल दौर से गुज़री, यहां तक कि वह ऑफिस तक नहीं जा पाई। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर कृष ने कंपनी पर कब्ज़ा कर लिया। अरमान कहता है कि विद्या पहले ही बहुत कुछ त्याग चुकी है और अब बारी उसकी है।

वह अभिरा को याद दिलाता है कि जब उसने विद्या के तान्या को घर से बाहर भेजने के फैसले का विरोध किया था, तब पूरे परिवार ने अभिरा के फैसले को स्वीकार किया था। इससे साफ साबित होता है कि अभिरा में परिवार को संभालने की पूरी काबिलियत है। अरमान यह भी साफ करता है कि वह उससे सब कुछ त्यागने को नहीं कह रहा, बल्कि पोद्दार फर्म को दोबारा पटरी पर लाना उसकी अपनी ज़िम्मेदारी है। आखिरकार अभिरा मान जाती है। भावुक पल में अरमान उसे गले लगाता है और कहता है कि वह उसकी ज़िंदगी को आसान बना देती है।

वहीं दूसरी ओर, मैरा बेसब्री से अभिरा का इंतज़ार करती है। कियारा, सुरेखा से अपने हाथों से बनाया हलवा चखने को कहती है। सुरेखा मानती है कि हलवा बुरा नहीं है, लेकिन उसे चारू के बनाए हलवे की आदत थी। वह बताती है कि चारू कैसे हलवा बनाती थी और कहती है कि वक्त बदल गया है, किस्मत बदल गई है और अब आदतों को भी बदलना होगा। यह सुनकर कियारा का दिल टूट जाता है।

एपिसोड में ड्रामा उस वक्त चरम पर पहुंच जाता है, जब तान्या गुस्से में कृष पर टूट पड़ती है। वह साफ कह देती है कि परिवार को इतनी परेशानी देने के बाद भी उसे कोई पछतावा नहीं है। तान्या उसे आदेश देती है कि वह चुपचाप घर छोड़ दे और अपनी गलती का एहसास होने पर ही एक बदले हुए इंसान की तरह लौटे। लेकिन कृष इसे मज़ाक में उड़ा देता है और कहता है कि इतनी ‘सपोर्टिव’ पत्नी मिलने पर तो उसे मिठाई बांटनी चाहिए।

तान्या उसे बदतमीज़ और बेशर्म कहती है, लेकिन कृष साफ कर देता है कि वह कुछ भी कर ले, वह यह घर छोड़कर नहीं जाएगा। वहीं दूसरी ओर, अभिरा और काजल कावेरी की देखभाल में जुटी हुई हैं। इसी बीच अभिरा के पास मायरा का फोन आता है, जो उसे याद दिलाती है कि वह गोयनका हाउस से कियारा और मायरा को लाना भूल गई है। अभिरा तुरंत माफी मांगती है और भरोसा दिलाती है कि वह और कियारा तैयार होकर उन्हें लेने पहुंच जाएंगी।

इधर कियारा के मन में शक गहराने लगता है। वह अभिर से कहती है कि उसे यकीन है कि ज़रूर कुछ न कुछ हुआ है, तभी अभिर उन्हें लेने पहले नहीं आया। इस पर अभिर सुझाव देता है कि वे खुद जाकर हालात का पता लगाएं। उधर मनीषा, अभिरा से कहती है कि आज कियारा का पगफेरा है, इसलिए अब उसे सच्चाई बता देनी चाहिए। लेकिन अभिरा साफ मना कर देती है। उसका कहना है कि इस वक्त कियारा और बच्ची को सुकून चाहिए। वे पहले ही कई दिनों से तनाव में हैं और वह उन्हें और ज़्यादा परेशान नहीं करना चाहती।

एपिसोड में एक बेहद अहम मोड़ तब आता है, जब अरमान सीधे आहूजा से मिलने पहुंचता है और पोद्दार फर्म वापस खरीदने के लिए कागज़ात उसके सामने रख देता है। आहूजा साफ कहता है कि वह कृष बंसल नहीं है और उसे बिज़नेस की अच्छी समझ है। इस पर अरमान भी हामी भरता है और तंज कसते हुए कहता है कि इसी समझदारी के चलते आहूजा ने कृष की मजबूरी का फायदा उठाया और बेहद कम कीमत पर फर्म खरीद ली। अरमान आहूजा को कड़ी चेतावनी देता है कि पोद्दार परिवार के बिना यह फर्म टिक नहीं पाएगी। फर्म अभी नई है और पुराने ग्राहकों का भरोसा जीतने में वक्त लगेगा। वह यह भी साफ करता है कि ग्राहक और कर्मचारी उसे पहले से जानते हैं और अगर वह आज ही फर्म के दरवाज़े खोले, तो सब उसके साथ खड़े हो जाएंगे। यहां तक कि सिर्फ उसका नाम ही ग्राहकों को वापस खींच लाने के लिए काफी है।

सौदे की बातचीत उस वक्त और भी दिलचस्प हो जाती है, जब मनोज और अरमान मिलकर आहूजा के सामने बीस करोड़ रुपये की पेशकश रखते हैं। लेकिन आहूजा इसे ठुकरा देता है। तभी काजल की एंट्री होती है, जो तीस करोड़ की पेशकश कर सबको चौंका देती है। काजल साफ कहती है कि पारिवारिक विरासत की रक्षा करना सिर्फ बेटे की नहीं, बल्कि बेटी की भी ज़िम्मेदारी है।

इसके बाद मनोज, काजल और अरमान एकजुट हो जाते हैं, लेकिन आहूजा फिर भी पीछे नहीं हटता और पोद्दार फर्म लौटाने के बदले पूरे पचासी करोड़ रुपये की मांग कर देता है। इस आंकड़े को सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है। इसी बीच अरमान को कावेरी से किया अपना वादा याद आता है और वह बिना कोई हिचक मान जाता है। अरमान ऐलान करता है कि वह तीन महीने के भीतर किश्तों में पूरी रकम चुकाएगा। आखिरकार आहूजा इस शर्त पर सौदे के लिए तैयार हो जाता है

इधर घर में एक भावुक माहौल बन जाता है, जब अभिरा अपने गहने उतारने लगती है। विद्या और मनीषा हैरानी से उससे वजह पूछती हैं। अभिरा साफ कहती है कि अरमान पोद्दार फर्म को वापस खरीदने गया है और उसके पास पूरी रकम नहीं है। ऐसे में अगर वह पारिवारिक विरासत बचाने में अपना योगदान दे सकती है, तो पीछे नहीं हटेगी। वह विद्या और मनीषा से भी मदद की अपील करती है। इसके बाद दोनों खामोशी से वहां से चली जाती हैं।

वहीं दूसरी ओर, मनोज और काजल अरमान से सवाल करते हैं कि वह इतनी जल्दी इतनी बड़ी रकम का इंतज़ाम कैसे करेगा। गुस्से में मनोज पूछता है कि आखिर अरमान इस महंगे सौदे के लिए राज़ी क्यों हो गया। इस पर अरमान भावुक होकर कहता है कि उसके ज़हन में बस एक ही बात थी अगर कोई और उनकी कंपनी खरीद लेता, तो दादीसा का गुज़ारा कैसे चलता। बातचीत के दौरान उसके कानों में कावेरी की कांपती हुई आवाज गूंजती रही। ज़िंदगी में पहली बार कावेरी ने उससे कुछ मांगा था और ऐसे में वह उसे मना कैसे कर सकता था

भावुक होते हुए अरमान कहता है कि कभी पोद्दार बोर्ड उनकी दीवार पर शान से लहराता था, लेकिन आज वह वहां से गायब है। वह मानता है कि घर छोड़ते वक्त उसने अपनी गैरमौजूदगी के असर के बारे में कभी सोचा ही नहीं और यही उसकी सबसे बड़ी गलती थी। बोर्ड उतार दिया गया और वह कुछ नहीं कर पाया। अब उसे हर हाल में वह पोद्दार बोर्ड वापस चाहिए, क्योंकि यह फर्म कावेरी और दादा सा की है और हमेशा उन्हीं की रहेगी।

इसी बीच काजल अरमान को याद दिलाती है कि पहली किश्त उन्हें 48 घंटे के भीतर चुकानी होगी। उधर अभिरा अपने गहनों को देखती है और समझ जाती है कि हर गहने के साथ कोई न कोई याद जुड़ी है। शायद इसी वजह से विद्या और मनीषा अपने गहने देने से हिचक रही थीं। लेकिन तभी एक भावुक मोड़ आता है, जब विद्या और मनीषा अपने गहने लेकर लौटती हैं और अभिरा को सौंप देती हैं। अभिरा की आंखें भर आती हैं। विद्या कहती है कि दादा सा की विरासत के सामने इन गहनों की कोई कीमत नहीं है।

कहानी में एक और भावुक मोड़ तब आता है, जब संजय अपने हाथों में काजल के गहने और अपनी ज़िंदगी भर की बचत लेकर पहुंचता है। वह अभिरा से कहता है कि वह ये सब भी ले ले। संजय खुद को इस पूरे हालात का ज़िम्मेदार ठहराता है और कहता है कि उसी ने कृष को गलत रास्ते पर डाला। उसका दर्द छलक पड़ता है कृष ने उसे कभी कुछ सही करते नहीं देखा, शायद इसी वजह से उसने आज यह बड़ी गलती कर डाली।भावुक संजय को अभिरा ढांढस बंधाती है। उधर तान्या भी आगे आती है और अभिरा से कहती है कि उसने एक बार कहा था कि यह घर सोने का बना है, तो अगर यह उसका भी परिवार है, तो वह भी इसमें अपना योगदान दे सकती है। यह कहते हुए तान्या अपने गहने अभिरा के हाथों में सौंप देती ह।

अरमान जब घर लौटता है तो माहौल गंभीर होता है। मनोज बताता है कि इतनी बड़ी रकम का इंतज़ाम करने में वक्त लगेगा। अरमान के मन में बैंक से लोन लेने का ख्याल आता है, लेकिन काजल तुरंत सवाल उठाती है कि इसके बदले वह गिरवी में क्या रखेगा। अरमान कहता है कि उसे इस पर सोचना होगा। इसी बीच कावेरी बड़ी मुश्किल से घर से बाहर निकलती है। चिंता में डूबा अरमान पहले उसे देख ही नहीं पाता, लेकिन जैसे ही गेट की आवाज सुनाई देती है, वह फौरन दौड़कर उसके पास पहुंचता है और उसे सहारा देकर वापस अंदर ले आता है। अरमान की नज़र पड़ती है कि अभिरा, विद्या और मनीषा ने आज गहने नहीं पहने हैं। वह चौंक कर पूछता है कि गहने कहां हैं। इस पर अभिरा भावुक अंदाज़ में कहती है कि उनके असली गहने तो पोद्दार फर्म है। वह एक बैग अरमान को थमाते हुए कहती है ‘इसे ले जाओ और हमारी विरासत को वापस घर ले आओ।

लेकिन अरमान इस मदद को लेने से इनकार कर देता है। उसका कहना है कि वह इन अनमोल यादों का बोझ नहीं उठा सकता। जब अभिरा उससे पूछती है कि वह इतना भावुक क्यों हो रहा है और ये तो सिर्फ गहने हैं, तो अरमान जवाब देता है कि हर गहने में कोई न कोई याद बसती है। वह मानता है कि उसकी ही गलती ने सभी को इस हालात में ला खड़ा किया है और अगर वह ये गहने ले गया, तो वह खुद को कभी माफ नहीं कर पाएगा। हालांकि विद्या और मनीषा उसे समझाती हैं और आखिरकार अरमान मान जाता है। वह सबका आभार जताता है। इसी बीच मनोज अभिरा को बता देता है कि पोद्दार फर्म का सौदा पूरे 85 करोड़ रुपये में तय हुआ है यह सुनते ही अभिरा सन्न रह जाती है।

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