Anupama 29th December Written Update: आज के एपिसोड की शुरुआत एक तीखे टकराव से होती है, जब राही अनुपमा पर भड़क उठती है। वजह बनती है अनुपमा का प्रेरणा का साथ देना। गुस्से में भरी राही को अनुपमा प्यार से शांत करने की कोशिश करती है और समझाती है कि जिस शर्ट को लेकर वह नाराज़ है, वह उतनी खास भी नहीं थी। लेकिन राही का गुस्सा और बढ़ जाता है। वह सवाल उठाती है कि अनुपमा बार-बार प्रेरणा का नाम क्यों ले रही है, जबकि वह उसे ठीक से जानती भी नहीं।
राही साफ शब्दों में कह देती है कि अनुपमा को प्रेरणा को इतनी अहमियत नहीं देनी चाहिए। इसी बीच अनुपमा पूछ बैठती है कि क्या राही को जलन हो रही है और उसे समझाती है कि प्यार की खूबसूरती बांटने में है, जिससे वह और भी गहरा हो जाता है। मगर राही पलटवार करते हुए कहती है कि सबसे बड़ा धोखा भी उन्हीं लोगों से मिलता है, जिनसे हम सबसे ज़्यादा प्यार करते हैं। अनुपमा यह सोचने पर मजबूर हो जाती है कि राही इतनी नकारात्मक कब हो गई, लेकिन राही साफ कर देती है कि वह नकारात्मक नहीं, बल्कि यथार्थवादी है।
एपिसोड में खतरे की आहट तब सुनाई देती है, जब अनुपमा और राही चॉल वापस लौटती हैं, इस बात से बिल्कुल अनजान कि दिवाकर चुपचाप राही का पीछा कर रहा है। वहीं दूसरी ओर, पराग उन कुछ कागज़ों को लेकर बेहद परेशान नज़र आता है, जिन्हें वह किसी भी हाल में वसुंधरा को नहीं दिखाना चाहता। लेकिन तभी वसुंधरा वहां पहुंच जाती है और अचानक कागज़ नीचे गिर जाते हैं।
पराग घबराते हुए तुरंत उन्हें उठाता है और बात को संभालने के लिए झूठ का सहारा लेता है।हालांकि वसुंधरा को आभास हो जाता है कि पराग ज़रूर कुछ न कुछ छुपा रहा हैइसी भावुक माहौल के बीच अनुपमा भारती को भरोसा दिलाती है कि उसके ससुराल में उसे इतनी खुशियां मिलेंगी कि यहां की कोई कमी उसे महसूस ही नहीं होगी। माहौल को हल्का करने के लिए सभी लोग भारती को प्यार से छेड़ते हैं। खुश और भावुक भारती अनुपमा का दिल से धन्यवाद करती है, उस हर साथ और हर सीख के लिए जो उसने उसे इस नई ज़िंदगी के लिए दिया है।
चॉल में जश्न का माहौल तब बनता है, जब भारती की चूड़ा-संथी की रस्म शुरू होती है। अनुपमा अपने हाथों से प्यार से भारती को चूड़ा पहनाती है। इसी दौरान सरिता प्रेरणा का ज़िक्र करती है और कहती है कि अगर वह भी यहां होती तो कितना अच्छा होता। देखते ही देखते बाकी लोग भी प्रेरणा की तारीफों के पुल बांधने लगते हैं और उसे एक प्यारी लड़की बताते हैं। लेकिन यह सब सुनकर राही का गुस्सा भड़क उठता है। वह चिढ़कर कह देती है कि प्रेरणा कोई देवी नहीं, बल्कि बस ज़रूरत से ज़्यादा होशियार है।
इसी बीच अनुपमा भारती को आशीर्वाद देती है कि वह अपने नए घर में हमेशा खुश रहे। यह सुनकर भारती भावुक हो जाती है और उसकी आंखों से आंसू छलक पड़ते हैं। अनुपमा उसे समझाती है कि वह यह न सोचे कि वह अपने परिवार से दूर जा रही है, बल्कि यह समझे कि वह ज़िंदगी की एक नई शुरुआत कर रही है। भारती कहती है कि उसे सभी की, खासकर डांस रानी और अनुपमा की बहुत याद आएगी। इस पर प्रीत उसे दिलासा देती है कि यह चॉल हमेशा उसकी रहेगी और वह जब चाहे यहां वापस आ सकती हैइसी भावुक माहौल के बीच अनुपमा भारती को भरोसा दिलाती है कि उसके ससुराल में उसे इतनी खुशियां मिलेंगी कि यहां की कोई कमी उसे महसूस ही नहीं होगी। माहौल को हल्का करने के लिए सभी लोग भारती को प्यार से छेड़ते हैं। खुश और भावुक भारती अनुपमा का दिल से धन्यवाद करती है।
इसी भावुक माहौल के बीच अनुपमा भारती को भरोसा दिलाती है कि उसके ससुराल में उसे इतनी खुशियां मिलेंगी कि यहां की कोई कमी उसे महसूस ही नहीं होगी। माहौल को हल्का करने के लिए सभी लोग भारती को प्यार से छेड़ते हैं। खुश और भावुक भारती अनुपमा का दिल से धन्यवाद करती है, उस हर साथ और हर सीख के लिए जो उसने उसे इस नई ज़िंदगी के लिए दिया है।
इधर वरुण बेचैनी में है, क्योंकि चॉल के कागज़ों पर अब तक हस्ताक्षर नहीं हुए हैं और उसकी शादी अगले ही दिन होने वाली है। उसे डर सता रहा है कि शादी तो हो जाएगी, लेकिन कानूनी औपचारिकताएं अधूरी रह जाएंगी। इस पर भारती चिढ़ते हुए कहती है कि वह सब कुछ कल संभाल लेगी। वहीं रजनीकांत वरुण पर तंज कसती हैं और कहती हैं कि अनुपमा, बाहरी होते हुए भी भारती की मां की तरह खड़ी है, जबकि असली मां होते हुए भी वरुण को नजरअंदाज़ किया जा रहा है।
गुस्से में रजनीकांत यहां तक कह देती हैं कि अगर अनुपमा इतनी महान हैं तो वरुण को सब कुछ छोड़कर उनके पास ही चले जाना चाहिए। वह यह भी ताना मारती हैं कि ऐसी ‘महान’ हस्तियों को दूर रखना ही बेहतर होता है, क्योंकि वे हमेशा सफलता की सीढ़ियां चढ़ने में लगी रहती हैं। यहीं रजनी अपने असली इरादे भी जाहिर कर देती है वह अनुपमा की लोकप्रियता का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए करेगी और चुनाव जीतने के बाद उसे किनारे कर देगी। वह यह भी कहती है कि अच्छा ही है कि गुड्डी शादी में नहीं आ रही, वरना वह अनुपमा को पूरा सच बता सकती थी।
एपिसोड में एक भावुक पल तब सामने आता है, जब अंश प्रार्थना की सोनोग्राफी रिपोर्ट देखता है और अपने होने वाले बच्चे के साथ एक खूबसूरत भविष्य के सपने बुनने लगता है। वह एक परफेक्ट परिवार की कल्पना में खो जाता है, लेकिन तभी अनुपमा का फोन उसकी सोच को तोड़ देता है। अंश उत्साह से रिपोर्ट दिखाते हुए बताता है कि सब कुछ बिल्कुल ठीक है।
और उसने बच्चे के लिए खरीदारी भी कर ली है। इसी बातचीत में अनुपमा बेहद भावुक अंदाज़ में कहती हैं कि समाज हमेशा मां के बलिदानों को देखता है, लेकिन पिता के त्याग को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देता है। वह बताती हैं कि एक पिता बच्चे के जन्म से पहले ही ज़िम्मेदारी संभाल लेता है और बिना कहे उसका सहारा बन जाता है। अनुपमा अंश को भरोसा दिलाती हैं कि वह एक बेहतरीन पिता बनेगा। अंश चाहता है कि अनुपमा उस वक्त वहां होतीं, और अनुपमा उससे वादा करती हैं कि वह जल्द ही प्रार्थना और बच्चे से मिलने जरूर आएंगी।
इधर प्रेम राही को मनाने के लिए उसके लिए आइसक्रीम लेकर आता है, लेकिन छोटी-सी बात एक बार फिर बड़ा मुद्दा बन जाती है। राही नाराज़ हो जाती है क्योंकि उसे चॉकलेट फ्लेवर चाहिए था। वह शिकायत करती है कि अनुपमा अच्छी तरह जानती है कि वह सिर्फ चॉकलेट ही खाती है, फिर भी उसके लिए थोड़ी आइसक्रीम नहीं बचाई गई। प्रेम उसे समझाने की कोशिश करता है कि परी को भी आइसक्रीम चाहिए थी।
लेकिन राही का गुस्सा यहीं नहीं थमता। वह कहती है कि यही तो समस्या है अनुपमा उसकी परवाह किए बिना सबकी परवाह करती है। कमीज़ वाली घटना को लेकर उसकी नाराज़गी अभी भी बरकरार है और उसे लगता है कि अनुपमा ने प्रेरणा का साथ उससे ज़्यादा दिया। प्रेम प्यार से राही को शांत करने की कोशिश करता है और उससे पूछता है कि उसके लिए सबसे प्यारा कौन है। राही बिना सोचे कहती है प्रेम। तभी प्रेम मज़ाक में पूछता है कि अगर कोई उसे उससे छीनने की कोशिश करे तो वह क्या करेगी। इस पर राही गुस्से से जवाब देती है कि वह उनकी हड्डियाँ तोड़ देगी। राही का मूड हल्का करने के लिए प्रेम गाना गाने लगता है और देखते ही देखते दोनों के बीच एक प्यारा और रोमांटिक पल बन जाता है। गुस्से और शिकायतों के बीच यह लम्हा उनकी केमिस्ट्री को और भी गहरा कर देता ह।
इसी बीच अनुपमा शादी की तैयारियों का जायजा लेती हुई भगवान से दुआ करती है कि सब कुछ सही सलामत पूरा हो जाए। लेकिन तभी उसकी नज़र लाइट बॉक्स में उठती एक चिंगारी पर पड़ती है, जिससे वह घबरा जाती है और अनहोनी की आशंका सताने लगती है। उधर, प्रेम राही को कुछ देर के लिए अकेला छोड़कर आइसक्रीम लेने चला जाता है। इसी मौके का फायदा उठाकर दिवाकर राही पर हमला कर देता है और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश करता है। राही अपनी जान बचाने के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करती है, जबकि दिवाकर बार-बार यही दोहराता रहता है कि वह जानता है कि राही उससे प्यार करती है और यहीं पर एपिसोड का सबसे खतरनाक मोड़ आकर दर्शकों की सांसें थाम देता है।
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